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भारत में तेल के साथ खेलती सरकार


- जिशान ग़ाज़ियाबादी

आज न्यूज़ में देखा कि मुंबई में पैट्रोल का रेट ₹80/लीटर तक पहुँच गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मुंबई तट से सिर्फ 75 मील दूर स्थित मुंबई हाई आॅयलफील्ड होने के बावजूद मुंबई वालों को पैट्रोल ₹80/लीटर रेट पर खरीदना पड़ रहा है, जो भारत में सबसे ज्यादा है।
मुंबई हाई आॅयलफील्ड

मेरे जैसे दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों के लिए बेहद फख़्र की बात है कि हमारे यहां पैट्रोल का रेट ₹70-₹74/लीटर है, जबकि हमारे यहाँ तो तेल का कोई भी प्रकृतिक स्रोत मौजूद नहीं है। कितने कमाल की बात है कि जहाँ से तेल निकलता है, वहीं ग्राहकों को सबसे ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।

शायद आपको यकीन न हो, लेकिन अच्छे दिन  वाली सरकार में पैट्रोल पर टैक्स जुलाई 2017 में 58% तक था, तो दूसरी ओर, डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में यह अप्रैल 2014 में 34% था।

चलिए, सरकार तेल के साथ खेल रही है, हम अच्छे दिन  के लिए आंकड़ों के साथ खेल लेते हैं।

17 जनवरी 2018, नई दिल्ली के मुताबिक-
  1. अरब या ईरान से भारत तक तेल लाने में ₹26.13/लीटर का खर्च आता है।
  2. भारत के अन्दर दुनियाभर के टैक्स, मार्जिन, कमीशन आदि के ज़रिए पैट्रोल की कीमत में ₹34.66/लीटर और डीज़ल में ₹24.48/लीटर और जुड़ जाते हैं।
  3. इसका मतलब यह है कि यदि कोई ग्राहक 1 लीटर तेल खरीदता है,  तो उसे ₹34.66 पैट्रोल पर और ₹24.48 डीज़ल पर एक्स्ट्रा देने पड़ते हैं। ये एक्स्ट्रा खर्चा पैट्रोल के रेट का 48% और डीज़ल के रेट का 40% बैठता है।


भारत में तेल की आसमान छूती कीमतों से जुड़े कुछ अन्य तथ्य-




पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क ( Central Excise Duty ) 9.48 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 21.48 रुपये प्रति लीटर हो गया । अक्टूबर 2017 में, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क ( Excise Duty ) को 2 रुपये प्रति लीटर कम कर दिया गया था, भाजपा सरकार में पहली बार ऐसी कमी हुई। दूसरी तरफ, डीजल पर शुल्क 3.56 रुपये प्रति लीटर से 4 गुना बढ़कर 17.33 रुपये प्रति लीटर हो गया। पेट्रोल की तरह, यह शुल्क अक्टूबर 2017 में प्रति लीटर 2 रुपये प्रति लीटर घटकर 15.33 रुपये प्रति लीटर हो गया।
  1. 26 राज्यों में पेट्रोल पर राज्य वैट ( VAT ) कम से कम 25% है, जहां मुंबई में सबसे ज्यादा 48.98% है। डीजल पर राज्य वैट ( VAT ) 15 राज्यों में 20% से अधिक और सबसे अधिक आंध्र प्रदेश में 31.06%  है।
  2. 2013-14 और 2016-17 के बीच, पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क ( Excise Duty ) के जरिए केंद्र सरकार का राजस्व उस अवधि के दौरान तीन गुना से भी ज्यादा था,  तो दूसरी ओर, राज्य सरकार द्वारा वैट ( VAT ) के जरिए राजस्व में मामूली वृद्धि हुई।
  3. डीजल के खुदरा बिक्री मूल्य में  44.6% टैक्स है। (दिल्ली में आईओसीएल में 09 सितंबर 2017 तक)
4. पैट्रोल के खुदरा बिक्री मूल्य में 51.6% टैक्स है। (दिल्ली में आईओसीएल में 09 सितंबर 2017 तक)

हम आशा करते हैं कि मोदी जी ₹100/लीटर पैट्रोल व डीज़ल करके भारत के खाते में  एक और अविश्वसनीय उपलब्धि जोड़ेंगे।

देशहित को मद्देनजर रखते हुए आपसे अनुरोध है कि अच्छे दिन  के लिए इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

सौजन्य से - FACTLY


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